रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या
किसी भी वक़्त; यह नबी ﷺ की सबसे ज़्यादा मांगी जाने वाली दुआ थी, और तवाफ़ में रुक्न यमानी और हजर-ए-असवद के बीच पढ़ी जाती है।
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या हसनतंव व फ़िल आख़िरति हसनतंव व क़िना अज़ाबन्नार
ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई दे और आख़िरत में भी भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा।
हवाला
Quran 2:201; Sahih al-Bukhari 6389
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या का मतलब क्या है?
ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई दे और आख़िरत में भी भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा।
रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या कब पढ़ी जाती है?
किसी भी वक़्त; यह नबी ﷺ की सबसे ज़्यादा मांगी जाने वाली दुआ थी, और तवाफ़ में रुक्न यमानी और हजर-ए-असवद के बीच पढ़ी जाती है।
रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या का हवाला क्या है?
यह दुआ Quran 2:201; Sahih al-Bukhari 6389 में दर्ज है।
रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या अरबी में क्या है?
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ (रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या हसनतंव व फ़िल आख़िरति हसनतंव व क़िना अज़ाबन्नार)